चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल विकासखंड स्थित ग्राम सभा सवार में नन्हे बच्चों की देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। बारिश के कारण तल्ला सवार और मल्ला सवार के दोनों आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालात ऐसे हैं कि करीब 35 बच्चों की आंगनवाड़ी गतिविधियां एक छोटे से कमरे में संचालित करनी पड़ रही हैं।
दो आंगनवाड़ी केंद्र क्षतिग्रस्त, एक कमरे में 35 बच्चे
जानकारी के अनुसार, तल्ला सवार का आंगनवाड़ी केंद्र फिलहाल कार्यकर्ता के निजी आवास के एक छोटे कमरे में संचालित किया जा रहा है। वहीं, मल्ला सवार के क्षतिग्रस्त केंद्र से करीब 15 बच्चों को भी इसी स्थान पर स्थानांतरित किया गया है।
तल्ला सवार केंद्र में पहले से लगभग 20 बच्चे पंजीकृत हैं। ऐसे में दोनों केंद्रों के कुल 35 बच्चों की गतिविधियों का संचालन एक ही कमरे में करना आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
जगह की कमी से बच्चों की देखभाल और पोषण व्यवस्था प्रभावित
सीमित स्थान के कारण बच्चों को एक साथ बैठाने, प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां कराने और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ऐसे में भवनों की खराब स्थिति और पर्याप्त जगह का अभाव बच्चों की सुविधाओं को प्रभावित कर सकता है।
मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
ग्राम सभा सवार के इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संबंधित विभाग से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की गई है।
ग्रामीणों की मांग है कि तल्ला सवार और मल्ला सवार के दोनों क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी भवनों की जल्द मरम्मत कराई जाए। यदि मरम्मत में समय लगता है, तो बच्चों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त स्थान वाले वैकल्पिक भवन की व्यवस्था की जाए।
बच्चों की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। दोनों आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था जल्द दुरुस्त करना आवश्यक है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित के मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और नन्हे बच्चों को सुरक्षित आंगनवाड़ी भवन की सुविधा कब तक मिल पाती है।










