अयोध्या पुलिस की 73,480 पन्नों की चार्जशीट में 8 आरोपी; 105 घटनाओं के CCTV फुटेज और 173 गवाहों के बयान बने जांच का अहम आधार
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल चार्जशीट से मामले के खुलासे को लेकर अहम जानकारियां सामने आई हैं। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, कथित चोरी के नेटवर्क का पर्दाफाश कैश काउंटिंग से जुड़े कर्मचारियों ने ही किया था। कर्मचारियों ने कथित रूप से बाथरूम में छिपाए गए नोटों का वीडियो बनाकर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय तक पहुंचाया था।
इस मामले में पुलिस ने जेल में बंद आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में करीब 73,480 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस जांच में CCTV फुटेज के आधार पर चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ी 105 घटनाओं का उल्लेख किया गया है। आरोपपत्र में 173 गवाहों के बयान और 422 दस्तावेज भी शामिल हैं।
जांच में बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल डेटा, फोरेंसिक सामग्री और बरामद रकम से संबंधित साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है। पुलिस विवेचना में करीब ₹79.8 लाख की बरामदगी दर्ज की गई है।
चार्जशीट में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार चार्जशीट में कोई नया आरोपी नहीं जोड़ा गया। अनुकल्प मिश्र को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।
पुलिस चार्जशीट में ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंक को साक्ष्य न मिलने के आधार पर क्लीन चिट दी गई है। चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और मंदिर के व्यवस्था प्रमुख रहे गोपाल राव को सरकारी गवाह बनाया गया है।
मामले के सामने आने के बाद राम मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। हाल में ट्रस्ट ने मंदिर में काम करने वाले कर्मचारियों का 100 प्रतिशत पुलिस वेरिफिकेशन और चरित्र सत्यापन कराने का निर्णय भी लिया है।










