



देहरादून, 19 फरवरी। हाल ही में समाप्त हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों को लेकर बुधवार को विधानसभा सदन में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता पर खेल मंत्री रेखा आर्या को बधाई दी। खेल मंत्री ने इसे पूरे प्रदेश और सदन के लिए गर्व की बात बताते हुए कहा कि सरकार ने महज 108 दिनों में सभी तैयारियां पूरी कर राष्ट्रीय खेलों को भव्य और ऐतिहासिक बनाया।
खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने पदकों का शतक लगाकर इस आयोजन को और भी खास बना दिया। उन्होंने बताया कि विश्व स्तरीय खेल उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अवस्थापनाओं का उपयोग किया गया, जिसे खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों ने भी सराहा। खास बात यह रही कि यह आयोजन ग्रीन गेम्स के रूप में किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया।
प्रदेश में बढ़ेंगी बालिकाओं के लिए खेल सुविधाएं
सदन में बालिकाओं के लिए खेल सुविधाओं के सवाल पर खेल मंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीर है। प्रदेश का पहला गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट, चंपावत में प्रस्तावित है, जहां कक्षा 6वीं से 12वीं तक की छात्राओं को प्रवेश मिलेगा। धीरे-धीरे इसमें खेलों की संख्या बढ़ाई जाएगी और भविष्य में अन्य जिलों में भी ऐसे कॉलेज स्थापित करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा, बालिकाओं के लिए अलग-अलग खेल छात्रावास भी संचालित किए जा रहे हैं। खेल मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा दी जाने वाली खेल सहायता राशि में 50% हिस्सा लड़कियों को दिया जा रहा है, ताकि वे आगे बढ़ सकें।
विपक्ष सिर्फ नाम के मुद्दे में उलझा
राष्ट्रीय खेलों पर चर्चा के दौरान विपक्ष आयोजन की कमियों को उजागर करने में असफल रहा और सिर्फ समापन समारोह के निमंत्रण कार्ड पर इंदिरा गांधी का पूरा नाम न होने को मुद्दा बना पाया। खेल मंत्री ने विपक्ष के इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कार्ड में वही नाम था, जिसे वे स्वयं चाहते थे। इसके अलावा, हल्द्वानी स्टेडियम के निर्माण को लेकर भी विपक्ष के दावे को गलत ठहराते हुए मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने ही निर्माण कार्य को सही तरीके से पूरा कर स्टेडियम को उपयोग के लिए सौंपा।
राष्ट्रीय खेलों की सफलता, प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हुआ। सदन में सभी विधायकों ने इस आयोजन की सफलता की सराहना की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नया मानक स्थापित किया है। खेल मंत्री ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी राज्य में ऐसे बड़े आयोजनों की मेजबानी की जाएगी।