देहरादून में 16 से 21 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा महोत्सव, बंगाल की संस्कृति संग डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रहेगी धूम

झाझरा के जल वायु टावर्स में छह दिवसीय आयोजन; महाषष्ठी से विजयादशमी तक पूजा, आरती, भोग, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शोभायात्रा

देहरादून। शारदीय नवरात्र के अवसर पर देहरादून में इस बार बंगाल की पारंपरिक दुर्गा पूजा की भव्य छटा देखने को मिलेगी। दुर्गा पूजा समिति एवं कल्चरल एसोसिएशन (रजि.) की ओर से झाझरा स्थित जल वायु टावर्स में 16 से 21 अक्टूबर 2026 तक छह दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव-2026 आयोजित किया जाएगा।

आयोजन में मां दुर्गा की पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ पुष्पांजलि, संध्या आरती, भोग-प्रसाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। आयोजकों ने इस उत्सव को “From the Ganga to the Himalayas, one Maa, many homes, one community” की भावना के साथ तैयार किया है।

कार्यक्रम की शुरुआत 16 अक्टूबर, शुक्रवार को महाषष्ठी से होगी। सुबह 10:30 बजे षष्ठी पूजा और 11:30 बजे पुष्पांजलि होगी। शाम को आमंत्रण, बोधन, अधिवास एवं आरती के बाद आगमनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
17 और 18 अक्टूबर को महासप्तमी के कार्यक्रम होंगे। सुबह 9:27 बजे पूजा, 11 बजे पुष्पांजलि एवं प्रसाद वितरण, दोपहर एक बजे भोग और शाम सात बजे संध्या आरती होगी। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियां उत्सव में रंग भरेंगी।

19 अक्टूबर को महाअष्टमी पर सुबह सात बजे पूजा, 8:30 बजे पुष्पांजलि और सुबह 10:18 से 11:16 बजे तक संधि पूजा रखी गई है। इसके बाद भोग, संध्या आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

20 अक्टूबर को महानवमी पर सुबह 9:27 बजे पूजा, 11 बजे पुष्पांजलि एवं प्रसाद वितरण, दोपहर एक बजे कुमारी पूजा, 1:30 बजे भोग और दो बजे यज्ञ होगा। शाम को संध्या आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

उत्सव का समापन 21 अक्टूबर को महादशमी एवं विजयादशमी के साथ होगा। सुबह 9:30 बजे महादशमी पूजा एवं दर्पण विसर्जन, 10:30 बजे सिंदूर खेला और 11:30 बजे शोभायात्रा प्रस्तावित है। रात आठ बजे शांति जल एवं विजय सम्मेलन के साथ छह दिवसीय आयोजन का समापन होगा|

इसके साथ ही 17 से 20 अक्टूबर तक ‘Dandiya Night’ भी उत्सव का खास आकर्षण रहेगी, जहां संगीत और नृत्य के बीच लोग उत्सव का आनंद ले सकेंगे।

आयोजकों ने देहरादूनवासियों को परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होकर दुर्गा पूजा की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक परंपराओं का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है।

 

 

 

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