राज्यसभा के बहाने BJP का ‘2027 प्लान’, OBC-दलित से ब्राह्मण-ठाकुर तक साधा जातीय समीकरण

यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा ने उतारे 8 प्रत्याशी; 3 OBC, 2 दलित, 2 ब्राह्मण और 1 ठाकुर चेहरा, दो महिलाओं को भी मिला मौका

लखनऊ, 5 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की राज्यसभा प्रत्याशियों की सूची ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। पार्टी ने राज्य की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवारों की घोषणा की है। सूची में जातीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के साथ संगठन में सक्रिय चेहरों को प्राथमिकता दी गई है, जिसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

भाजपा ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। खास बात यह है कि पार्टी ने अपने मौजूदा निवर्तमान सदस्यों को दोबारा मौका देने के बजाय नए चेहरों पर दांव लगाया है।

3 OBC, 2 दलित और 3 सामान्य वर्ग के चेहरे
भाजपा की सूची में तीन OBC, दो अनुसूचित जाति और तीन सामान्य वर्ग के प्रत्याशी हैं। सामान्य वर्ग के तीन चेहरों में दो ब्राह्मण और एक राजपूत हैं। वहीं OBC प्रतिनिधित्व में लोधी, पाल और कुर्मी समुदाय के चेहरों को जगह मिली है। आठ प्रत्याशियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।

धर्मपाल सिंह और प्रकाश पाल के चयन को गैर-यादव OBC वोटरों तक संदेश पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं श्रुति गंगवार, जो झारखंड के राज्यपाल एवं वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष गंगवार की बेटी हैं, के जरिए महिला, नई पीढ़ी और कुर्मी प्रतिनिधित्व के साथ बरेली-रुहेलखंड के क्षेत्रीय समीकरण को भी महत्व मिला है।

दलित चेहरों पर भी दांव
प्रियंका सिंह रावत और विद्यासागर सोनकर के रूप में भाजपा ने दो दलित चेहरों को मैदान में उतारा है। प्रियंका सिंह रावत पूर्व सांसद हैं, जबकि विद्यासागर सोनकर लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं और पूर्व सांसद भी रह चुके हैं। �

इसके अलावा राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडेय के जरिए ब्राह्मण प्रतिनिधित्व तथा राम प्रताप सिंह चौहान के जरिए राजपूत/ठाकुर प्रतिनिधित्व को जगह दी गई है। इस तरह पार्टी की सूची में किसी एक सामाजिक समूह पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग वर्गों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई देती है।

16 अक्टूबर को चुनाव
उत्तर प्रदेश की इन 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा नेतृत्व वाला NDA आठ सीटों तक जीतने की स्थिति में बताया जा रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में दो सीटें जाने की संभावना है। हालांकि अंतिम परिणाम मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।

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