गैरसैंण में CM धामी का सख्त भू-कानून और मदरसा बोर्ड पर बयान, बोले—राज्य की जमीन और संस्कृति का संरक्षण जरूरी
गैरसैंण, उत्तराखंड। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में मीडिया से बातचीत के दौरान उत्तराखंड के सख्त भू-कानून, राज्य की मूल संस्कृति के संरक्षण और मदरसा बोर्ड से जुड़े विषयों पर सरकार का पक्ष रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जमीनों की खरीद-फरोख्त के माध्यम से लैंड बैंक तैयार किए जाने की स्थिति को देखते हुए सरकार ने सख्त भू-कानून बनाया है।
जमीन और मूल संस्कृति के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जमीनों, मूल संस्कृति और जनसांख्यिकीय बदलावों से जुड़े विषयों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विभिन्न कदम उठाए हैं।
उन्होंने सख्त भू-कानून को राज्य के हितों और भूमि संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई का दावा
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि प्रदेश में 250 से अधिक अवैध मदरसों को बंद करने की कार्रवाई की गई है।
हालांकि, इस बयान में संबंधित संस्थानों की सूची, कार्रवाई की तारीखों और कानूनी आधार का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
मदरसा बोर्ड और अल्पसंख्यक समुदायों पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए वर्ष 2016 की मदरसा बोर्ड संबंधी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
उनके अनुसार, उस समय अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित प्रावधानों में अन्य समुदायों को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों को भी शामिल किया गया है, ताकि उन्हें संबंधित प्रावधानों का लाभ मिल सके।
भू-कानून और शिक्षा व्यवस्था पर राजनीतिक चर्चा
मुख्यमंत्री के इस बयान में भूमि संरक्षण, सांस्कृतिक पहचान और अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित शिक्षा व्यवस्था जैसे विषय प्रमुख रहे।
इन मुद्दों पर सरकार की नीतियों के वास्तविक प्रभाव और कानूनी प्रावधानों का आकलन संबंधित अधिनियमों, नियमों तथा आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जाना आवश्यक है।

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