Urmila Sanawar Arrest: उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और नार्को टेस्ट पर हरिद्वार पुलिस की सफाई, कहा—अंकिता भंडारी केस की CBI जांच से कोई संबंध नहीं

 

उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर हरिद्वार पुलिस ने दी सफाई, अंकिता भंडारी केस में नार्को टेस्ट को लेकर कही बड़ी बात

हरिद्वार, उत्तराखंड। उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और अंकिता भंडारी प्रकरण में संभावित नार्को टेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच हरिद्वार पुलिस ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस ने उन दावों को भ्रामक बताया है, जिनमें कहा जा रहा है कि उर्मिला सनावर को नार्को टेस्ट से बचाने के उद्देश्य से गिरफ्तार किया गया है।

24 अक्टूबर को सहारनपुर से हुई गिरफ्तारी

हरिद्वार पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को कोतवाली रानीपुर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 387/26 के संबंध में उर्मिला सनावर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5), 308(7), 79, 356(3), 356(2) तथा स्त्री अशिष्ट रूपण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 और 10 का उल्लेख है।

गिरफ्तारी के बाद उर्मिला सनावर को जिला एवं सत्र न्यायालय, हरिद्वार के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

नार्को टेस्ट से बचाने के आरोपों को पुलिस ने बताया भ्रामक

हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि उर्मिला सनावर को नार्को टेस्ट से बचाने के लिए पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने इस दावे को भ्रामक बताते हुए कहा कि रानीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे के तहत की गई गिरफ्तारी का अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच से कोई संबंध नहीं है।

अंकिता भंडारी मामले में नार्को टेस्ट पर क्या बोली पुलिस?

पुलिस के अनुसार, अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच के संबंध में जांच एजेंसी कानून के अनुसार सक्षम न्यायालय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र है।

इस स्पष्टीकरण से पुलिस ने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि अलग आपराधिक मामले में हुई गिरफ्तारी को अंकिता भंडारी प्रकरण में संभावित जांच प्रक्रिया से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

हालांकि, नार्को टेस्ट कराने के संबंध में किसी न्यायालय की अनुमति मिलने या परीक्षण की तिथि निर्धारित होने की जानकारी पुलिस के इस बयान में नहीं दी गई है।

सोशल मीडिया पर चर्चाओं के बीच पुलिस का स्पष्टीकरण

उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और अंकिता भंडारी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में हरिद्वार पुलिस का यह बयान दोनों मामलों की कानूनी स्थिति को अलग-अलग स्पष्ट करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

 

 

Nation 9 Today | आम जनता की आवाज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *