देहरादून पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में एसआईटी ने डिजिटल, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच पूरी की थी। तीनों दोषियों को 30 मई 2025 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
देहरादून | 15 अक्टूबर 2026 |
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज है। इसी बीच उत्तराखंड पुलिस ने मामले में अब तक हुई जांच, साक्ष्य संकलन और न्यायिक कार्रवाई का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।
गुरुवार को देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने वर्ष 2022 के इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस और विशेष जांच दल की कार्रवाई की जानकारी दी।
घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीन आरोपी गिरफ्तार
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की थी।
पुलिस के अनुसार, विभिन्न टीमों के समन्वय से घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित हुई थी SIT
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया।
एसआईटी का नेतृत्व डीआईजी स्तर की एक महिला आईपीएस अधिकारी को सौंपा गया था।
इस टीम को मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जांच और साक्ष्यों के संकलन की जिम्मेदारी दी गई थी।
88 दिनों में जांच पूरी, करीब 500 पन्नों की चार्जशीट
प्रेस वार्ता में एडीजी ने बताया कि एसआईटी ने जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों का संकलन किया।
जांच टीम ने आरोपियों से पूछताछ, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्टों सहित विभिन्न साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
पुलिस के अनुसार, एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी करते हुए लगभग 500 पृष्ठों का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
30 मई 2025 को तीनों दोषियों को आजीवन कारावास
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि एसआईटी की जांच और अभियोजन पक्ष की पैरवी के बाद 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था।
अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
पुलिस के अनुसार, तीनों दोषी वर्तमान में जेल में सजा काट रहे हैं।
पुलिस की प्रेस वार्ता क्यों महत्वपूर्ण?
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर परिवार की ओर से कथित वीआईपी एंगल सहित कुछ अन्य पहलुओं की जांच की मांग उठती रही है।
ऐसे समय में उत्तराखंड पुलिस की यह प्रेस वार्ता मामले की मूल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बारे में आधिकारिक पक्ष सामने रखती है।
हालांकि, इस प्रेस वार्ता में दी गई जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि परिवार की ओर से उठाए गए सभी नए सवालों का समाधान हो गया है।
फिलहाल तीनों दोषियों को सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि परिवार की अन्य जांच संबंधी मांगों को लेकर सार्वजनिक चर्चा जारी है।










