कुंभकर्ण और मेघनाद के 70-70 फीट ऊंचे पुतले भी बन रहे, अंबाला के कारीगर साढ़े तीन महीने से तैयारियों में जुटे
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में इस वर्ष दशहरा महोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित होने वाले इस पारंपरिक दशहरा महोत्सव में इस बार 181 फीट ऊंचा रावण का पुतला विशेष आकर्षण रहेगा। इसके साथ ही कुंभकर्ण और मेघनाद के 70-70 फीट ऊंचे पुतले तथा लंका का भव्य सेटअप भी तैयार किया जा रहा है।
181 फीट ऊंचा रावण बनेगा मुख्य आकर्षण
आयोजन की तैयारियों के अनुसार, इस बार रावण के पुतले की ऊंचाई 181 फीट रखी गई है। इसके अलावा कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 70-70 फीट ऊंचे होंगे। विशालकाय पुतलों के निर्माण को लेकर कारीगर लगातार काम कर रहे हैं। पुतलों के ढांचे, रंगाई, सजावट और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
साढ़े तीन महीने से जुटे हैं अंबाला के कारीगर
इन विशाल पुतलों के निर्माण की जिम्मेदारी हरियाणा के अंबाला से आए कारीगर तेजिंदर चौहान और उनकी टीम संभाल रही है। तेजिंदर चौहान के अनुसार, उनकी टीम लगभग साढ़े तीन महीने से पुतलों के निर्माण में लगी हुई है।
उन्होंने बताया कि बन्नू बिरादरी के अध्यक्ष संतोख नागपाल के आमंत्रण पर वे देहरादून पहुंचे हैं। तैयारियों के अनुसार, अगले दो से चार दिनों के भीतर रावण के विशाल पुतले को परेड ग्राउंड में स्थापित किए जाने की उम्मीद है।
लंका का भव्य सेटअप भी होगा तैयार
रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ इस बार लंका का आकर्षक सेटअप भी तैयार किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर पुतलों की सजावट, रंग-बिरंगे कपड़ों, ढांचे और पेंटिंग से जुड़ा काम चल रहा है।
दशकों पुरानी परंपरा से जुड़ा है आयोजन
बन्नू बिरादरी लंबे समय से देहरादून के परेड ग्राउंड में दशहरा महोत्सव का आयोजन करती आ रही है। यह आयोजन राजधानी के प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल है और हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचते हैं।
20 अक्टूबर को विजयदशमी
वर्ष 2026 में विजयदशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। ऐसे में परेड ग्राउंड में दशहरा महोत्सव की तैयारियों को लेकर उत्साह है। आयोजकों की ओर से विशाल पुतलों की स्थापना और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस बार देहरादूनवासियों के लिए 181 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन विशेष आकर्षण रहने की उम्मीद है।










