नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 8 अक्टूबर को आयोजित जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में व्यापारियों, छोटे उद्यमियों और करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण सुधारों की सिफारिश की गई।
बैठक में जीएसटी के तहत सामान्य जुर्माने को ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने, गिरफ्तारी संबंधी प्रावधान हटाने और आपराधिक अभियोजन की आर्थिक सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने जैसे फैसलों की सिफारिश की गई।
जीएसटी काउंसिल के प्रमुख फैसले
1. जुर्माने में राहत: सामान्य जीएसटी जुर्माना ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने की सिफारिश।
2. छोटी टैक्स डिमांड पर राहत: ₹10,000 से कम की टैक्स डिमांड पर कारण बताओ नोटिस जारी नहीं करने का प्रस्ताव।
3. गिरफ्तारी के प्रावधान: जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियां हटाने की सिफारिश।
4. अभियोजन की सीमा बढ़ी: मुकदमा चलाने की आर्थिक सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का प्रस्ताव।
5. आसान रजिस्ट्रेशन: छोटे कारोबारियों के लिए जीएसटी पंजीकरण और अनुपालन प्रक्रिया को सरल तथा अधिक स्वचालित बनाने पर जोर।
6. रिफंड प्रक्रिया में सुधार: कारोबारियों और निर्यातकों को तेजी से रिफंड उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया में बदलाव की सिफारिश।
7. इनपुट टैक्स क्रेडिट: पात्रता और संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश।
8. जीएसटी दरें: बैठक में मौजूदा जीएसटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।
व्यापारियों को क्या फायदा होगा?
इन प्रस्तावित सुधारों से छोटे और मध्यम कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ कम होने, नोटिस और जुर्माने से संबंधित प्रक्रियाओं में राहत मिलने तथा रिफंड के कारण फंसी कार्यशील पूंजी जल्दी उपलब्ध होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने पर जोर दिया।
महत्वपूर्ण: ये जीएसटी काउंसिल की सिफारिशें हैं। इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू कानून मानना सही नहीं होगा। कई प्रमुख बदलावों के लिए 1 अप्रैल 2027 की प्रस्तावित प्रभावी तारीख बताई गई है और आवश्यक कानूनी अधिसूचनाएं महत्वपूर्ण होंगी।










