



देहरादून, 03 अप्रैल 2025: जिलाधिकारी सविन बंसल ने गुलरघाटी राजकीय अन्न भंडारण में की गई छापेमारी में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया। निरीक्षण के दौरान भारी अनाज घोटाले की पुष्टि हुई, जिसमें क्विंटलों अनाज फेल पाया गया। गुणवत्ता परीक्षण में मिली खामियों के चलते डीएम ने वरिष्ठ विपणन अधिकारी (एसएमओ) विष्णु प्रसाद त्रिवेदी को निलंबित कर दिया और सहायक विपणन अधिकारी (एआरओ) अजय रावत को प्रतिकूल प्रविष्टि दी।
डीएम की टीम ने पांच घंटे तक की गहन जांच
जिला प्रशासन की टीम ने पांच घंटे तक रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर की गहन जांच की, जिसमें पाया गया कि कई दस्तावेज अधूरे और अनियमित थे। गोदाम में भंडारित गेहूं और चावल के बोरे निर्धारित वजन से कम निकले, जिससे साफ हुआ कि आपूर्ति में गड़बड़ी की गई थी।
भविष्य में और होगी कार्रवाई
मुख्य विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नामित कर दोषियों के खिलाफ उत्तरांचल सरकारी सेवक नियमावली 2003 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि जिले के अन्य अन्न भंडारों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी ताकि खाद्य आपूर्ति में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
जनमानस से जुड़ा गंभीर मुद्दा
गुलरघाटी अन्न भंडार से गरीब परिवारों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों के मिड-डे मील और सरकारी राशन दुकानों में आपूर्ति की जाती है। खराब गुणवत्ता वाले अनाज की आपूर्ति से बच्चों, बुजुर्गों और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा था, जिसे देखते हुए डीएम ने कड़ा निर्णय लिया।
अनाज प्रबंधन में गंभीर लापरवाही
निरीक्षण में सामने आया कि गोदाम में नमी और चूहों से सुरक्षा के लिए जरूरी रैक्स नहीं थे। फिफो (फर्स्ट इन फर्स्ट आउट) नियमों का पालन नहीं किया गया था, जिससे पुराने और खराब अनाज की सप्लाई जारी थी। जांच में 61 चावल के नमूनों में से 26 फेल पाए गए, जो भारतीय खाद्य निगम (FCI) के मानकों के अनुसार रद्द श्रेणी में आते हैं।