जलवायु टावर्स दुर्गा पूजा महोत्सव में महाअष्टमी की धूम, 108 दीपों से हुई माँ चामुंडा की आराधना

 

संधि पूजा में उमड़े श्रद्धालु, ढाक की थाप और शंखध्वनि से गूंजा पंडाल; धुनुची नृत्य ने बिखेरी बंगाली संस्कृति की छटा

देहरादून, 19 अक्टूबर 2026। झाझरा स्थित जलवायु टावर्स में दुर्गा पूजा समिति एवं कल्चरल एसोसिएशन (पंजीकृत) द्वारा आयोजित छह दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव के चौथे दिन सोमवार को महाअष्टमी का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों, धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धा के साथ मनाया गया।

16 अक्टूबर से चल रहे इस महोत्सव में सोमवार का दिन विशेष धार्मिक महत्व का रहा। महाअष्टमी की पूजा और संधि पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माँ दुर्गा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।

108 दीप और 108 कमल पुष्पों से माँ चामुंडा की विशेष आराधना

प्रातः सात बजे महाअष्टमी पूजा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने माँ दुर्गा को अष्टमी की पुष्पांजलि अर्पित की।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण सुबह 10:18 बजे से 11:16 बजे तक आयोजित संधि पूजा रही। अष्टमी और नवमी तिथि के संधिकाल में संपन्न होने वाली इस विशेष पूजा में 108 दीप प्रज्वलित किए गए और 108 कमल पुष्प अर्पित कर माँ चामुंडा की आराधना की गई।

ढाक की पारंपरिक थाप, शंखध्वनि और देवी मंत्रों के उच्चारण से पूरा पूजा पंडाल भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

भोग और भंडारे में श्रद्धालुओं की भागीदारी

दोपहर में माँ दुर्गा को विशेष भोग अर्पित किया गया। इसके बाद समिति की ओर से आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

महोत्सव के दौरान स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की सहभागिता ने धार्मिक आयोजन को सामुदायिक उत्सव का स्वरूप दिया।

संध्या आरती के बाद धुनुची नृत्य बना आकर्षण

शाम को माँ दुर्गा की आरती के बाद पारंपरिक धुनुची नृत्य का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने हाथों में जलती धुनुची लेकर ढाक की थाप पर माँ दुर्गा के समक्ष भक्तिभाव से नृत्य किया।

बंगाली संस्कृति की इस पारंपरिक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक परंपराओं का यह संगम महोत्सव की प्रमुख विशेषता रहा।

मंगलवार को महानवमी, शाम को डांडिया और गरबा नाइट

आयोजन समिति के अनुसार, मंगलवार 20 अक्टूबर को महानवमी पूजा, पुष्पांजलि, भोग एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। शाम को डांडिया और गरबा नाइट महोत्सव का विशेष आकर्षण रहेगी। Click Here

वहीं, बुधवार 21 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर दर्पण विसर्जन, सिंदूर खेला, शोभायात्रा, शांति जल एवं विजया सम्मेलन के साथ छह दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन होगा।

आयोजन में समिति सदस्यों की सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर समिति के तरित मित्रा, मृगेन्द्र चौधरी, सुधीर जैन, अरूप चक्रवर्ती, तनुप्रिया चौधरी, देबज्योति, विनय कांडपाल, देबाशीष, संदीप, अभिजीत, दीपक रंजन, चंदना मित्रा, कल्याणी, ऋतुपर्णा, मीनाक्षी, जॉली सेन, डोलन एवं गार्गी सहित अनेक गणमान्य लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

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