बनबसा में CM धामी ने नशामुक्ति दौड़ को दिखाई हरी झंडी, हनुमान प्रतिमा का किया अनावरण; पाटनी तिराहा अब कहलाएगा ‘हनुमान चौक’

 

चम्पावत दौरे के दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने का दिया संदेश, 11 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का अनावरण कर सुंदरकांड पाठ में हुए शामिल

बनबसा, चम्पावत | उत्तराखंड

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत जिले के बनबसा में आयोजित ‘नशामुक्ति सद्भावना दौड़’ में प्रतिभाग किया। उन्होंने बालक-बालिकाओं की दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और युवाओं से नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

पाटनी तिराहे का नाम बदलकर ‘हनुमान चौक’ करने की घोषणा

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा के पाटनी तिराहे पर वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर लगभग 11 फीट ऊंची भगवान हनुमान की प्रतिमा का अनावरण किया।

इस अवसर पर आयोजित सुंदरकांड पाठ में भी मुख्यमंत्री शामिल हुए। ‘जय श्री राम कीर्तन मंडल’ की ओर से भजनों की प्रस्तुति दी गई।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान पाटनी तिराहे का नाम बदलकर ‘हनुमान चौक’ करने की घोषणा की।

उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि और दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के विकास में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए शिक्षा, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास और युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और सरकारी नौकरियों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सख्त नकल-विरोधी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

उन्होंने सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए की गई कार्रवाई का भी उल्लेख किया।

सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि और सैन्यभूमि बताते हुए कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

इस अवसर पर दायित्वधारी हेमा जोशी, किरण देवी, भाजपा जिला प्रभारी गुंजन सुखीजा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, एसडीएम पूर्णागिरि प्रमोद कुमार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

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