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सहारनपुर लोकसभा सीट से  स्वामी दीपांकर को भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने की मांग,पण्डित गौरव शर्मा ने स्वामी को बताया बेहतर विकल्प

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सहारनपुर लोकसभा से स्वामी दीपांकर महाराज पर दांव खेल सकती है भाजपा

सहारनपुर लोकसभा सीट से भाजपा के मजबूत दावेदार के रूप में अंतरराष्ट्रीय ध्यान गुरु स्वामी दीपांकर महाराज का नाम सामने आया है। उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका देने की खबरें हैं।

भाजपा की राजनीतिक दीवारों में एक और बड़ी दरार पैदा हो रही है। स्वामी दीपांकर महाराज को उम्मीदवार बनाने का विचार सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।

विभिन्न दावेदारों के बीच मनमुटाव

परंपरागत राजनीति के नए माध्यम के रूप में स्वामी दीपांकर महाराज का उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रवेश विवादों का केंद्र बन गया है। उनके उम्मीदवार बनने की खबरें भाजपा के विभिन्न दावेदारों के बीच मनमुटाव पैदा कर रही हैं।

पारंपरिक राजनीति का विरोध

विपक्षी दलों ने भाजपा के सन्यासी उम्मीदवारों के खिलाफ विरोध जताया है। उन्होंने कहा है कि राजनीतिक दलों को सन्यासियों को चुनावों में नहीं शामिल करना चाहिए।

विकास के संदर्भ में विचार

पण्डित आचार्य गौरव शर्मा ने स्वामी दीपांकर महाराज को उम्मीदवार बनाने के विपरीत राय रखी है। उन्होंने कहा है कि सन्यासी ही सहारनपुर का बेहतर विकास कर सकता है। उन्होंने कहा है कि देश की दिशा और दशा एक सन्यासी ही तय कर सकता है । जैसे देश मे मोदी जैसे सन्तपुरुष और प्रदेश में योगी जैसे सन्यासी हो वहां विकास के रास्ते खुद खुल जाते है तो वैसे ही सहारनपुर में भी स्वामी दीपांकर महाराज जैसे सन्यासी ही बेहतर विकल्प होंगे । उन्होंने कहा है कि स्वामी दीपांकर महाराज ने देश के कई हिस्से में हिंदुओं को एकजुट करने के लिए भिक्षा यात्रा जैसे बड़े आयोजन करने का कार्य किया है ।

अंतिम विचार

इस बड़े राजनीतिक मामले में स्वामी दीपांकर महाराज का उम्मीदवार बनना कैसे राजनीतिक समीक्षकों के ध्यान को आकर्षित करेगा, यह देखने के लिए हमें इंतजार करना होगा।

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