



देहरादून। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने वक्फ संशोधन बिल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस बिल से गरीबों को असली हक मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिन दानियों ने समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए वक्फ संपत्तियां दी थीं, उनका सही उपयोग कांग्रेस शासन में नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक वक्फ संपत्तियों से केवल वक्फ बोर्डों के अध्यक्षों को लाभ हुआ, जबकि जरूरतमंद मुसलमानों के लिए कोई ठोस कार्य नहीं हुआ।
मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि कुछ लोग वक्फ बिल को लेकर झूठ फैला रहे हैं और मुस्लिम समुदाय को गुमराह कर रहे हैं कि इससे मस्जिदों और कब्रिस्तानों पर कब्जा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि इन संपत्तियों पर स्कूल, विश्वविद्यालय और अस्पताल बनाए जाते, तो गरीबों को लाभ होता।
इसके अलावा, उन्होंने उत्तराखंड में लागू यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसे इस्लाम विरोधी बताकर गलत धारणा फैलाई गई है। उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा का डर दिखाकर मुसलमानों को मुख्यधारा से दूर रखा गया, जबकि सच्चाई यह है कि वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग समाज के उत्थान के लिए होना चाहिए।