



भराड़ीसैंण में हुए विधानसभा सत्र की अवधि पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने जहां उत्तराखंड सरकार को कटघरे में खड़ा किया, वहीं विपक्ष को भी नसीहत दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संसद का हवाला देते हुए कहा कि संसद सत्र की अवधि 21 जुलाई से 21 अगस्त तक तय थी और उसी के अनुरूप चला। जबकि विपक्ष पूरे सत्र के दौरान वेल में ही रहा। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण में भी सत्र तय तिथि के अनुरूप चलना चाहिए था। लेकिन विपक्ष का रवैया अड़ियल रहा, विधायक वेल में ही सो गए, जो एक गलत परिपाटी है।
गौरतलब है कि भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र की अवधि 19 अगस्त से 22 अगस्त तक तय थी, लेकिन डेढ़ दिन में ही सत्र सिमटा दिया गया। सदन की कार्यवाही केवल 2 घंटे 40 मिनट तक ही चल पाई। जिस पर पूर्व सीएम ने सवाल उठाए हैं।