मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने मंगलवार को डीरेगुलेशन से जुड़े मामलों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि डीरेगुलेशन से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी और प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि विभागीय स्तर पर होने वाली सभी कार्रवाइयों का तुरंत नोटिफिकेशन जारी किया जाए, ताकि प्रक्रियाओं में देरी न हो। इसके साथ ही, जिन प्रकरणों में कैबिनेट संशोधन आवश्यक है, उनका विस्तृत विवरण शीघ्र तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले सभी प्रस्ताव समयसीमा के भीतर भेजे जाएं, ताकि राज्य में निवेश और औद्योगिक वातावरण को मजबूत किया जा सके।
मुख्य सचिव ने विश्वास जताया कि डीरेगुलेशन नीति से उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।










